चिकेनपॉक्स(छोटी माता)
भ्रांतियां:
1.चिकेनपॉक्स माता या दैवीय प्रकोप से होता है।
2.हर एक दाने या rashes वाली बीमारियां माता या चिकेनपॉक्स होती हैं।
3.माता होने पर किसी तरह के इलाज की ज़रुरत नहीं।
4.चावल नहीं खाने या परहेज करने से माता 6 से सात दिन में ठीक हो जाती हैं।
5.माता की कोई भी रोकथाम नहीं है।
भ्रांतियां:
1.चिकेनपॉक्स माता या दैवीय प्रकोप से होता है।
2.हर एक दाने या rashes वाली बीमारियां माता या चिकेनपॉक्स होती हैं।
3.माता होने पर किसी तरह के इलाज की ज़रुरत नहीं।
4.चावल नहीं खाने या परहेज करने से माता 6 से सात दिन में ठीक हो जाती हैं।
5.माता की कोई भी रोकथाम नहीं है।
सच:बिंदुवार
1.चिकेनपॉक्स varicella zoster नामक वायरस से होने वाली एक बीमारी है।यह वायरस बहुत तेज़ी से एक मरीज़ से दुसरे में फैलता है।और कभी कभी तो घर के सभी सदस्यों या पूरे गांव में फ़ैल जाता है।
ये वायरस दुनिया के सभी देशों में चिकेनपॉक्स करवाता है।अतः ये माता न हो कर एक प्रकार का वायरस संक्रमण है।
2.rash या दानों के साथ होने वाले बुखार सैकड़ों हैं।चिकित्सक लक्षण और rash देख कर आसानी से पहचान सकते हैं चिकेनपॉक्स को।
3.चिकेनपॉक्स के वायरस को मारने के लिए acyclovir एक असरदार दवा है।इससे मरीज़ जल्दी ठीक होता है।दूसरों को वायरस कम फैलता है।और मरीज को वायरस से होने वाले complications नहीं होते।
माता के 10 प्रतिशत मरीजों को गंभीर complications हो सकते हैं।
4.वायरस संक्रमण में परहेज का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं।
चिकेनपॉक्स 90 प्रतिशत मरीजों में बिना किसी दवा के ही 7 दिन में ठीक हो जाता है।परहेज करो या न करो।
5.माता या चिकेनपॉक्स से बचाव का टीका आता है।
जो कि ज़िंदगी भर के लिए 90 प्रतिशत तक सुरक्षा देता है।इस टीके की कीमत 1500 से 1700 र के बीच होती है।
आपका डॉ अव्यक्त
ज्ञान की रोशनी जितने भी माध्यम हों जिस भी तरह से हो फैलती रहनी चाहिए।
1.चिकेनपॉक्स varicella zoster नामक वायरस से होने वाली एक बीमारी है।यह वायरस बहुत तेज़ी से एक मरीज़ से दुसरे में फैलता है।और कभी कभी तो घर के सभी सदस्यों या पूरे गांव में फ़ैल जाता है।
ये वायरस दुनिया के सभी देशों में चिकेनपॉक्स करवाता है।अतः ये माता न हो कर एक प्रकार का वायरस संक्रमण है।
2.rash या दानों के साथ होने वाले बुखार सैकड़ों हैं।चिकित्सक लक्षण और rash देख कर आसानी से पहचान सकते हैं चिकेनपॉक्स को।
3.चिकेनपॉक्स के वायरस को मारने के लिए acyclovir एक असरदार दवा है।इससे मरीज़ जल्दी ठीक होता है।दूसरों को वायरस कम फैलता है।और मरीज को वायरस से होने वाले complications नहीं होते।
माता के 10 प्रतिशत मरीजों को गंभीर complications हो सकते हैं।
4.वायरस संक्रमण में परहेज का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं।
चिकेनपॉक्स 90 प्रतिशत मरीजों में बिना किसी दवा के ही 7 दिन में ठीक हो जाता है।परहेज करो या न करो।
5.माता या चिकेनपॉक्स से बचाव का टीका आता है।
जो कि ज़िंदगी भर के लिए 90 प्रतिशत तक सुरक्षा देता है।इस टीके की कीमत 1500 से 1700 र के बीच होती है।
आपका डॉ अव्यक्त
ज्ञान की रोशनी जितने भी माध्यम हों जिस भी तरह से हो फैलती रहनी चाहिए।
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